Vedic Prenatal Science & Memory

माँ का हर विचार — शिशु के भाग्य का निर्माण करता है

आधुनिक विज्ञान के अनुसार ९ महीनों में शिशु के मस्तिष्क में १०० अरब न्यूरॉन्स बनते हैं। हमारी ५,००० वर्ष पुरानी वैदिक परंपरा के अनुसार माँ के हर संस्कार को गर्भस्थ शिशु ग्रहण करता है।

१०० अरब
न्यूरॉन विकास

गर्भावस्था में बनने वाली मस्तिष्क कोशिकाएँ

९० दिन
दैनिक प्रवृत्तियाँ

संस्कार, श्लोक & आत्ममंथन

१५ मिनट
दैनिक समय

तनावमुक्त एवं शांत दिनचर्या

THE 3-IN-1 HOLY TRINITY

मात्र एक पुस्तक नहीं — मातृत्व की आजीवन स्मृति

३ अद्भुत पुस्तकों का अनूठा संगम एक ही डीलक्स वॉल्यूम में

भाग १

दैनिक दिव्य पठन

वेद, उपनिषद और पुराणों से लिया गया प्रेरणादायक ज्ञान जो माँ के मन को परम शांति और प्रसन्नता देता है।

भाग २

९० पवित्र प्रवृत्तियाँ

प्रार्थना, कृतज्ञता, पंचमहाभूत से जुड़ाव, १६ संस्कार, गर्भरक्षाम्बिका स्तोत्र और गर्भ उपनिषद् सार।

भाग ३

निजी स्क्रैपबुक जर्नल

सोनोग्राफी स्कैन, बेबी बंप की तस्वीरें चिपकाने और शिशु के बड़े होने पर उसे सौंपने हेतु माता-पिता के प्रेम पत्र लिखने का सुंदर स्थान।

WHY EXPECTING PARENTS NEED THIS

साधारण गर्भावस्था vs गर्भावस्था ९० के साथ यात्रा

साधारण गर्भावस्था में

  • मानसिक तनाव, बेचैनी और प्रसव का निरंतर भय
  • मोबाइल और सोशल मीडिया स्क्रीन टाइम की अधिकता
  • गर्भस्थ शिशु से संवाद व संस्कार देने की कोई स्पष्ट दिशा नहीं
  • ९ महीने बीत जाने के बाद कोई लिखित या फोटो स्मृति नहीं बचती

गर्भावस्था ९० पुस्तक के साथ

  • रोजाना १५ मिनट का ध्यान और आध्यात्मिक प्रसन्नता
  • स्क्रीन से मुक्ति और शिशु के बौद्धिक विकास की रचनात्मक क्रियाएँ
  • शास्त्रोक्त गर्भरक्षाम्बिका स्तोत्र और मंत्रों द्वारा पूर्ण सुरक्षा
  • सोनोग्राफी, तस्वीरें और आपके हस्तलेख में शिशु की आजीवन विरासत
INSIDE THE BOOK

पुस्तक के ४३२ रंगीन आर्ट पेजों की सुंदर झलक

हर पृष्ठ माँ के मन को आनंद और गर्भस्थ शिशु को दिव्य संस्कार देने के लिए लिखा गया है।

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TRIMESTER GUIDANCE

त्रिमासिक यात्रा — ९ महीनों का सुंदर मार्गदर्शन

प्रथम त्रिमास (१ से ३ महीने)

आत्मिक संबंध की शुरुआत

शुरुआती महीनों में मन को शांत रखना, शारीरिक परिवर्तनों को सहज स्वीकारना और शिशु की प्रथम उपस्थिति का दिव्य स्वागत करना।

द्वितीय त्रिमास (४ से ६ महीने)

श्रवण और मस्तिष्क विकास

इस अवधि में शिशु के कान और मस्तिष्क सक्रिय होते हैं। ९० प्रवृत्तियाँ, मधुर श्लोक और कहानियों द्वारा शिशु की बुद्धि का विकास करें।

तृतीय त्रिमास (७ से ९ महीने)

आत्मविश्वास और प्रसव तैयारी

प्रसव की चिंता दूर कर आत्मबल बढ़ाना, सकारात्मक मनोदशा बनाए रखना और शिशु के इस संसार में शुभागमन की तैयारी करना।

A LIFETIME GIFT FOR YOUR CHILD

"जब तुम मेरे गर्भ में थे, तब मैं ऐसा महसूस कर रही थी..."

ये ९ महीने कभी वापस नहीं आएँगे। जब आपका बच्चा २० वर्ष का होगा और आप उसके हाथ में अपने हाथ से लिखी हुई यह डायरी सौंपेंगी, उससे बड़ा कोई उपहार इस दुनिया में नहीं हो सकता।

सोनोग्राफी और बेबी बंप की तस्वीरें चिपकाएँ
हर गतिविधि के बाद मन के सच्चे भाव लिखें
तनाव मुक्त रहकर सकारात्मक वातावरण बनाएँ

पुस्तक का विवरण (Specifications)

प्रीमियम आर्ट पेपर और फुल-कलर प्रिंट के साथ तैयार

पुस्तक का नाम गर्भावस्था ९० — आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियाँ
कुल पृष्ठ ४३२ रंगीन आर्ट पेपर पृष्ठ
पुस्तक का वजन १.७५ किग्रा (लक्ज़री हैवी एडिशन)
साइज / आयाम १२ x १ x ९ इंच (बड़ी आर्टबुक साइज)
ISBN नंबर 978-93-5627-607-9
सर्वोत्तम उपहार गोद भराई (Baby Shower / श्रीमंत) उपहार हेतु सर्वोत्तम
FREQUENTLY ASKED QUESTIONS

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह पुस्तक गर्भावस्था के किस महीने से शुरू करनी चाहिए? +

आप गर्भावस्था के किसी भी महीने से यह पुस्तक शुरू कर सकती हैं। यदि आप गर्भधारण की योजना (Pregnancy Planning) बना रही हैं, तब भी यह पुस्तक अत्यंत लाभकारी है।

क्या यह पुस्तक उपहार (Gift) देने के लिए उपयुक्त है? +

जी हाँ, बिल्कुल! गोद भराई (Baby Shower / श्रीमंत) या पत्नी, बहन अथवा पुत्रवधू के लिए यह सबसे सुंदर और आशीर्वाद स्वरूप उपहार है।

क्या कैश ऑन डिलीवरी (COD) उपलब्ध है? +

हाँ, पूरे भारत में कैश ऑन डिलीवरी (COD) की सुविधा उपलब्ध है। पुस्तक सुरक्षित पैकेजिंग के साथ ३-५ दिनों में आपके पते पर पहुँच जाती है।

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पूरे भारत में ३-૫ दिनों में एक्सप्रेस कूरियर

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कैश ऑन डिलीवरी

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१००% प्रामाणिक वैदिक ज्ञान

शास्त्रसम्मत एवं आध्यात्मिक सामग्री

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