Pregnancy 90 - Hindi
गर्भावस्था ९० — आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियाँ (पठन पुस्तक + ९० प्रवृत्तियाँ + स्क्रैपबुक जर्नल)
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Product Information / पुस्तक के बारे में संपूर्ण विवरण
गर्भावस्था ९० — आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियाँ
पठन पुस्तक + ९० पवित्र प्रवृत्तियाँ + आपकी अपनी स्क्रैपबुक जर्नल (३-इन-१ विशेष संस्करण)
यह पुस्तक किस बारे में है?
गर्भावस्था में केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि माँ के मन और गर्भस्थ शिशु की आत्मा के गहरे जुड़ाव हेतु वेद, उपनिषद और पुराणों से ९० अत्यंत अर्थपूर्ण दैनिक प्रवृत्तियाँ संकलित की गई हैं: प्रार्थना, कृतज्ञता, पंचमहाभूत से जुड़ाव, १६ संस्कार और ४ आश्रम।
प्रत्येक गतिविधि के बाद अपने अनुभव लिखने और सोनोग्राफी या बेबी बंप की तस्वीरें चिपकाने के लिए सुंदर स्थान दिया गया है — ताकि ९ महीने बाद यह पुस्तक आपकी अपनी हस्तलिखित धरोहर बन जाए।
यह पुस्तक क्यों पढ़नी चाहिए?
- आजीवन धरोहर: ये ९ महीने कभी लौटकर नहीं आएँगे। जब आपका बच्चा बड़ा होगा, तब आप उसके हाथ में यह डायरी देकर कह सकेंगी कि 'जब तुम मेरे गर्भ में थे, तब मैं ऐसा महसूस करती थी।'
- मानसिक शांति & दिव्य संस्कार: गर्भावस्था के भय, तनाव और मूड स्विंग्स को दूर कर शिशु के मस्तिष्क व पंचेंद्रियों को जाग्रत करती है।
- प्रतिदिन केवल १५ मिनट: पति या परिवार के साथ बैठकर रोज़ केवल १५ मिनट में आसानी से की जाने वाली गतिविधियाँ।
पुस्तक में क्या शामिल है?
- ९० व्यावहारिक प्रवृत्तियाँ: प्रार्थना, मंत्र, पंचेंद्रिय जागरण, प्रकृति व पारिवारिक संवाद
- गर्भरक्षाम्बिका & गर्भरक्षा स्तोत्र सरल अर्थ सहित
- ४,००० वर्ष पुराना ‘गर्भ उपनिषद्’ सार
- निजी स्क्रैपबुक जर्नल अनुभव लिखने और फोटो चिपकाने हेतु
पुस्तक का विवरण:
- ४३२ रंगीन आर्ट पेपर पृष्ठ (सुंदर चित्रों के साथ)
- वजन: १.७५ किग्रा | आकार: १२ x १ x ९ इंच (लक्ज़री आर्टबुक आकार)
- ISBN: 978-93-5627-607-9
- गोद भराई (Baby Shower), पत्नी या पुत्रवधू हेतु सर्वोत्तम आशीर्वाद
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माँ का हर विचार — शिशु के भाग्य का निर्माण करता है
आधुनिक विज्ञान के अनुसार ९ महीनों में शिशु के मस्तिष्क में १०० अरब न्यूरॉन्स बनते हैं। हमारी ५,००० वर्ष पुरानी वैदिक परंपरा के अनुसार माँ के हर संस्कार को गर्भस्थ शिशु ग्रहण करता है।
गर्भावस्था में बनने वाली मस्तिष्क कोशिकाएँ
संस्कार, श्लोक & आत्ममंथन
तनावमुक्त एवं शांत दिनचर्या
मात्र एक पुस्तक नहीं — मातृत्व की आजीवन स्मृति
३ अद्भुत पुस्तकों का अनूठा संगम एक ही डीलक्स वॉल्यूम में
दैनिक दिव्य पठन
वेद, उपनिषद और पुराणों से लिया गया प्रेरणादायक ज्ञान जो माँ के मन को परम शांति और प्रसन्नता देता है।
९० पवित्र प्रवृत्तियाँ
प्रार्थना, कृतज्ञता, पंचमहाभूत से जुड़ाव, १६ संस्कार, गर्भरक्षाम्बिका स्तोत्र और गर्भ उपनिषद् सार।
निजी स्क्रैपबुक जर्नल
सोनोग्राफी स्कैन, बेबी बंप की तस्वीरें चिपकाने और शिशु के बड़े होने पर उसे सौंपने हेतु माता-पिता के प्रेम पत्र लिखने का सुंदर स्थान।
साधारण गर्भावस्था vs गर्भावस्था ९० के साथ यात्रा
साधारण गर्भावस्था में
- मानसिक तनाव, बेचैनी और प्रसव का निरंतर भय
- मोबाइल और सोशल मीडिया स्क्रीन टाइम की अधिकता
- गर्भस्थ शिशु से संवाद व संस्कार देने की कोई स्पष्ट दिशा नहीं
- ९ महीने बीत जाने के बाद कोई लिखित या फोटो स्मृति नहीं बचती
गर्भावस्था ९० पुस्तक के साथ
- रोजाना १५ मिनट का ध्यान और आध्यात्मिक प्रसन्नता
- स्क्रीन से मुक्ति और शिशु के बौद्धिक विकास की रचनात्मक क्रियाएँ
- शास्त्रोक्त गर्भरक्षाम्बिका स्तोत्र और मंत्रों द्वारा पूर्ण सुरक्षा
- सोनोग्राफी, तस्वीरें और आपके हस्तलेख में शिशु की आजीवन विरासत
पुस्तक के ४३२ रंगीन आर्ट पेजों की सुंदर झलक
हर पृष्ठ माँ के मन को आनंद और गर्भस्थ शिशु को दिव्य संस्कार देने के लिए लिखा गया है।
त्रिमासिक यात्रा — ९ महीनों का सुंदर मार्गदर्शन
आत्मिक संबंध की शुरुआत
शुरुआती महीनों में मन को शांत रखना, शारीरिक परिवर्तनों को सहज स्वीकारना और शिशु की प्रथम उपस्थिति का दिव्य स्वागत करना।
श्रवण और मस्तिष्क विकास
इस अवधि में शिशु के कान और मस्तिष्क सक्रिय होते हैं। ९० प्रवृत्तियाँ, मधुर श्लोक और कहानियों द्वारा शिशु की बुद्धि का विकास करें।
आत्मविश्वास और प्रसव तैयारी
प्रसव की चिंता दूर कर आत्मबल बढ़ाना, सकारात्मक मनोदशा बनाए रखना और शिशु के इस संसार में शुभागमन की तैयारी करना।
"जब तुम मेरे गर्भ में थे, तब मैं ऐसा महसूस कर रही थी..."
ये ९ महीने कभी वापस नहीं आएँगे। जब आपका बच्चा २० वर्ष का होगा और आप उसके हाथ में अपने हाथ से लिखी हुई यह डायरी सौंपेंगी, उससे बड़ा कोई उपहार इस दुनिया में नहीं हो सकता।
पुस्तक का विवरण (Specifications)
प्रीमियम आर्ट पेपर और फुल-कलर प्रिंट के साथ तैयार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यह पुस्तक गर्भावस्था के किस महीने से शुरू करनी चाहिए?
आप गर्भावस्था के किसी भी महीने से यह पुस्तक शुरू कर सकती हैं। यदि आप गर्भधारण की योजना (Pregnancy Planning) बना रही हैं, तब भी यह पुस्तक अत्यंत लाभकारी है।
क्या यह पुस्तक उपहार (Gift) देने के लिए उपयुक्त है?
जी हाँ, बिल्कुल! गोद भराई (Baby Shower / श्रीमंत) या पत्नी, बहन अथवा पुत्रवधू के लिए यह सबसे सुंदर और आशीर्वाद स्वरूप उपहार है।
क्या कैश ऑन डिलीवरी (COD) उपलब्ध है?
हाँ, पूरे भारत में कैश ऑन डिलीवरी (COD) की सुविधा उपलब्ध है। पुस्तक सुरक्षित पैकेजिंग के साथ ३-५ दिनों में आपके पते पर पहुँच जाती है।
